मारे साथ जो हो रहा है और हम जो कर रहे हैं,
वह संपूर्ण तरीके से समझ आने के लिए,
"हम" कैसे पैदा हुए? इस धरती पर क्यों आए?
इस परिस्थिति में कैसे आए?
क्या हासिल करने के लिए आए?
यह समझना होगा।
सब समझने के बाद जीवन के प्रति हमारी दृष्टि बदल जाएगी। तब हमें पता चलेगा कि असल में हमें क्या करना चाहिए। इन सब जटिल विषयों के बारें में तोबीयास ने ज्ञान दिया है जिसे रेवती देवी ने इस किताब के माध्यम से अत्यंत आसान कर दिया है, और हमें विश्व की रचना समझने में मदद की है। आपका इस किताब को पढ़ना आपकी स्वयं की आत्मा की गहराई को समझना है।
हम समझते हैं कि जो लोग दिव्य दृष्टि या तीसरी आँख रखते हैं उनके अंदर कोई अद्भुत शक्ति होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। इस पुस्तक को एक कहानी की तरह पढ़ना काफी नहीं है। इस किताब को जैसे-जैसे पढ़ते जाएंगे, वैसे-वैसे गहराइयाँ समझ में आती जाएंगी और हमारी जागरूकता बढ़ती जाएगी।
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